
बड़े भाग्य हमारे आप पधारे
भारत को कृतार्थ किया
इंडिया का उपकार किया
धरती डोले और मनवा गगन छू ले
चरणों में अपने हमरा मस्तक ले लें
बस यही तमन्ना है
भारत के शीश पर अपना वरद रख दें
इंडिया को बाहों में भर लें
हथियार दें हथियार दें
हमें और, और, और औज़ार दें
गांवों को लीलते शहरों की लड़ाई में
अनाज का संकट
भूखे भारत को इंडिया का दुश्मन बनाएगी
तुम्हारे इन्ही हथियारों से
रोटी की जंग लड़ी जाएगी
भाषा, संस्कृति और पहनावे की तरह
भारत, इंडिया से भूख की जंग भी हार जाएगी।
त्याग और बलिदान
हमारे एतिहासिक आदर्श हैं
इसके लिए अपनी पगड़ी तो क्या
छिनकर करोड़ों देशवासियों का निवाला
आपके हवाले कर देगें
हमारे लोग तो जन्मों-जनम से नंगे और भूखे हैं
भला इनकी बिना पर
सभ्य लोगों को हम बेरोजगार रहने देगें?
आप तैयारी करो
हथियार बनाओ
हम भी तैयारी करते हैं
देश के लोगों का निवाला छिनते हैं
जरूरत पड़ी तो
इन्हें हम आपके हथियार की गोली खिलाएगें
लेकिन आप रहें बेरोजगार
बर्दाश्त कैसे करेगें?
भारत को कृतार्थ किया
इंडिया का उपकार किया
बड़े भाग्य हमारे आप पधारे।
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